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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है, जानें कैसे उठाए स्कीम का फायदा

 🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है, जानें कैसे उठाए स्कीम का फायदा🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟 🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana) का तीसरा चरण 15 जनवरी 2021 को शुरू हो गया. इसके तहत देश के युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी. इस योजना के तहत युवाओं को 300 से ज्यादा सिलेबस उपलब्ध होंगे. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 योजना की शुरुआत कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय की मौजूदगी में हुई. इस कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री आर के सिंह भी मौजूद थे. पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत योजना की 2020-21 की अवधि के दौरान आठ लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसपर 948.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की कुशल भारत मिशन की प्रमुख योजना पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत कौशल विकास को ज्यादा मांग आधारित बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि पीएमकेवीवाई 3.0 में जिला कौशल समितियों को जोड़कर एक नई पहल की शुरुआत की गई ...

कौन थी रानी दुर्गावती

    👉 कौन थी रानी दुर्गावती 👈  जानिए उनके बारे में 10 रोचक बातें  1. वीरांगना महारानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 में हुआ था। उनका राज्य गोंडवाना में था। 2. बाँदा जिले के कालिंजर किले में 1524 ईसवी की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण ही उनका नाम दुर्गावती रखा गया। नाम के अनुरूप ही वह तेज, साहस, शौर्य और सुंदरता के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गई। 3. महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं। राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपत शाह से उनका विवाह हुआ था। 4. दुर्भाग्यवश विवाह के 4 वर्ष बाद ही राजा दलपतशाह का निधन हो गया। उस समय दुर्गावती का पुत्र नारायण 3 वर्ष का ही था अतः रानी ने स्वयं ही गढ़मंडला का शासन संभाल लिया। वर्तमान जबलपुर उनके राज्य का केंद्र था। 5. सूबेदार बाजबहादुर ने भी रानी दुर्गावती पर बुरी नजर डाली थी लेकिन उसको मुंह की खानी पड़ी। दूसरी बार के युद्ध में दुर्गावती ने उसकी पूरी सेना का सफाया कर दिया और फिर वह कभी पलटकर नहीं आया। 6. दुर्गावती ने तीनों मुस्लिम राज्यों को बार-बार युद्ध में परास्त किया। पराजित मुस्लिम र...

सातवाहन का युग के बारे में

    📚सातवाहन का युग के बारे में 📚 👉 सातवाहन ने भारतीय राज्यों के उनके शासकों की छवि के साथ वाले सिक्के जारी किए | इन्होने सांस्कृतिक पुल का निर्माण किया और व्यापार में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और अपने विचारों और संस्कृति को इंडो गंगा के मैदान से भारत के दक्षिण के सिरे तक आदान प्रदान किया |   👉 सातवाहन के लोग खेती और लोहे के बारे में पूर्ण रूप से परिचित थे | ❇️👉 सामाजिक संगठन 🔻 👉 सातवाहन साम्राज्य का समाज चार वर्गों के अस्तित्व को दर्शाता है 🔻 👉 प्रथम वर्ग उन लोगों से बना है जो जिलों का देखरेख और नियंत्रण करते थे | द्वितीय वर्ग अधिकारियों से बना था | तीसरा वर्ग में किसान और वैद्यों आते थे | चौथे वर्ग में आम नागरिक आते थे | परिवार का मुखिया गृहपति था । ❇️👉 प्रशासन का स्वरूप 🔻 👉सातवाहन साम्राज्य पाँच प्रान्तों में विभाजित था | नासिक के पश्चिमी प्रांत पर अभिरस का शासन था | इक्ष्वाकू ने कृष्ण-गुंटूर प्रांत के पूर्वी प्रांत में शासन किया | चौतस ने दक्षिण पश्चिमी भाग पर कब्जा किया और अपने प्रांत का उत्तर और पूर्व तक विस्तार किया | पहलाव ने ...

what is eSIM

            🌟What is E sim🌟 ✔️ ई-सिम’ का पूरा नाम ‘एंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल’ (Embedded Subscriber Identity Module) है, इसे एंबेडेड सिम (Embedded SIM) के नाम से भी जाना जाता है।  ✔️ पारंपरिक सिमकार्ड की तरह मोबाइल फोन से अलग होने की बजाय इसे निर्माता द्वारा फोन में ही इंस्टाल कर दिया जाता है। ✔️ ई-सिम, पारंपरिक सिम के विपरीत फोन में अनावश्यक स्थान नहीं घेरता है, साथ ही इसका प्रयोग स्मार्टवाच (Smartwatch) जैसे छोटे उपकरणों में भी किया जा सकता है।  यह कैसे काम करता है? ✔️ यह एक क्लाउड-आधारित (उपयोगकर्त्ता की सक्रियता के बगैर इंटरनेट पर इस्तेमाल की जाने वाली सेवाएँ, खासतौर से डेटा स्टोरेज़) फोन नंबर है जिसका उपयोग किसी भी उपकरण से एप के माध्यम से किया जा सकता है।  ✔️ इस वर्चुअल फोन नंबर के माध्यम से होने वाली सभी वॉयस कॉल और एसएमएस मोबाइल में उपलब्ध मोबाइल डेटा/वाई-फाई कनेक्शन की सहायता से वर्चुअल सिम (Virtual Sim) सेवा प्रदाता के नेटवर्क पर स्थानांतरित किये जाते हैं।  ✔️ इस तकनीक में कंप्यूटर द्वारा एक टेलीफोन नंबर...

सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य(Sajjangarh Wildlife Sanctuary)

सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (Sajjangarh Wildlife Sanctuary)📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚 ✔️ राजस्थान के उदयपुर ज़िले के प्रसिद्ध सज्जनगढ़ अभ्यारण्य दक्षिणी अरावली पहाड़ियों में यह छोटा अभयारण्य जो 5.19 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है, बड़ी संख्या में शाकाहारी जीव-जंतुओं का निवास स्थल हैं। ✔️ यहाँ एक कृत्रिम झील है जिसे ‘जियान सागर’ (Jiyan Sagar) के नाम से जाना जाता है, इसे ‘टाइगर लेक’ के नाम से भी जाना जाता है। ✔️ इसे वर्ष 1987 में संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। 📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚 खबर अच्छी लगी हो तो शेयर जरुर कीजिए। ▰▱ ☆★ ▱▰ ☆★ ▰▱ ☆★  Join our what's App group click here👉👉 What's App group ▰▱ ☆★ ▱▰ ☆★ ▰▱ ☆★

मोहनजोदड़ो के बारे में

मोहनजोदड़ो के बारे में— ✔️ मोहनजोदड़ो को ‘मृतकों का टीला’ भी कहा जाता है। इसकी खोज वर्ष 1922 में रखालदास बनर्जी ने की थी।      ✔️ मोहनजोदड़ो, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लरकाना ज़िले में सिंधु नदी के तट पर अवस्थित है। मोहनजोदड़ो में की गई खोजों में निम्नलिखित शामिल हैं:- विशाल स्नानागर अन्नागार कांस्य की नर्तकी की मूर्ति पशुपति महादेव की मुहर दाड़ी वाले मनुष्य की पत्थर की मूर्ति बुने हुए कपड़े ✔️ मोहनजोदड़ो प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े शहरों में से एक था जिसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है। ✔️ मोहनजोदड़ो की प्रमुख विशेषता उसकी सड़कें थी, सड़कें सीधी दिशा में एक-दूसरे को समकोण पर काटती हुई नगर को अनेक वर्गाकार एवं चतुर्भुजाकार खंडों में विभाजित करती थीं।    ✔️ यहाँ लगभग प्रत्येक घर में निजी कुएंं एवं स्नानागार होते थे और पानी के निकास के लिये नालियों की व्यवस्था थी। पोस्ट अच्छी लगी हो तो शेयर जरुर कीजिए। ▰▱ ☆★ ▱▰ ☆★ ▰▱ ☆★  Join our what's app group click here👉👉  What's App Group ▰▱ ☆★ ▱▰ ☆★ ▰▱ ☆★

मध्य प्रदेश की परियोजनाएं

    📚मध्य प्रदेश की परियोजनाएं📚  नमस्कार दोस्तों  हमारेेे ब्लॉक में आपको  जनरल  नॉलेज ,गणित, विज्ञान ,रीजनिंग , सभी विषय  के नोट्स प्रोवाइड कराए जातेे हैं  📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚📚 मध्य प्रदेश की परियोजनाएं Notes  DOWNLOAD  click here              👉  मध्य प्रदेश की परियोजनाएं Join our what's app group Click here👉  What's App Group